Friday, 15 April 2011

मुझको गैर समझते रहना


मुझको तुम गैर समझते हो, समझते रहना;
तुमसे एक रिश्ता तो समझ में आएगा
तुम अगर कुछ भी नहीं समझोगे;
तो फिर क्या, खाक जीने में मजा आएगा

2 comments:

  1. tripathi ji .....ultimate ....apke personal request ....sabdo par bhi thoda dhyan rakha jaye ......last line bit awkward rest is best

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