मेरे कातिल


पास कातिल मेरे मुझमें जान आने दे,
जान ले लेना पर थोडा तो संभल जाने दे।

तू तसव्वुर में मेरे रहा है बरसों से,
खुद को नजरों से सीने में उतर जाने दे।

कुछ ठहर जा कि छुपा लूँ मैं दर्द सीने का,
या तेरे सीने से लिपट कर बिफर जाने दे।

तुझको पाना नहीं है मेरी मंजिल,
तू जरा खुद में मुझको समां जाने दे।

अब गुजारिश है 'मुसाफिर' की खुदा से,
वो मुझे मेरे खुदा से ही मिल जाने दे।

Comments

  1. how-----u r technocrate----but certainly----u can do a lot in this era too

    ReplyDelete
  2. Really very nice..awesome...I would suggest you to write on present situation..what common man thinks about the current situation of our country...

    ReplyDelete
  3. Kya bat HAi......
    Gyan Bhaiya Rocks.ssssss

    ReplyDelete
  4. खूबसूरत ग़ज़ल.. बहुत बढ़िया...

    ReplyDelete
  5. बहुत सुन्दर, लाजबाब है आपकी रचना
    मन करता है बस पड़ता रहू ...,,,

    ReplyDelete
  6. Sundar gajal aur sundar bhaw.

    ReplyDelete
  7. khubsurat gazal kya bat hai ek ek sher daad ki kabil vaah vaah ....

    ReplyDelete
  8. वेहद खूबसूरत ग़ज़ल,अच्छी लगी !

    ReplyDelete
  9. achhi gazl hai.....lekin ek chiz chubhi...sahi word tu hai tun nahi...mitra musaafir...

    ReplyDelete
  10. ho sakta hai vivek main yahan galat hoon per mujhe eske liye hindi ke jankar se milna hoga.
    aur mujhe ye uchcharan ke tahat sahi lagta hai kai baar uchcharan kiya hai maine tu+n hi aata hai aur aise hi ye phir tu+ne

    ReplyDelete
  11. लिखते रहिये यूँ ही.

    ReplyDelete
  12. behad khoobsoorat gazal...
    teesra sher to gazab...

    ReplyDelete
  13. rachnaa psand aaee ...
    kaee baar typing-mistake ho jaya karti hai
    never mind vivekji ka thanks karna mt bhuliyegaa

    ReplyDelete
  14. सबको सह्र्दय धन्यवाद.

    ReplyDelete
  15. जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनायें

    ReplyDelete
  16. वेहद खूबसूरत ग़ज़ल

    ReplyDelete
  17. जैसे ही आसमान पे देखा हिलाले-ईद.
    दुनिया ख़ुशी से झूम उठी है,मनाले ईद.
    ईद मुबारक

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

शाम है और गुफ़्तगू भी

'I' between me and myself

खुद को ही पाउँ