Wednesday, 15 August 2012


जीवन के क्षितिज पर
गहरे, स्याह, लाल और पीले रंग में
नयी रोशनी की तरह
दिखाई देते हो,तुम ही तो हो.

जीवन के एकांत और अंधेरी रात में
आकाश में चाँदनी लिए
जो देता है,जीवन को शीतलता.
चाँद, तुम ही तो हो

जीवन के नव-दिवस पर
आगे बढ़ने की प्रेरणा देते
अप्रतिम रोशनी बिखेरते
सूरज, तुम ही तो हो.

राम

अगर कोई विकास से लेकर राष्ट्रवाद तक के इस दस मुख वाले रावण का अंत कर दे  तो मैं माँ लूँगा की राम हैं  अगर कोई अर्जुन की तरह  संश...