Tuesday, 26 March 2013
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जीवन सफ़र
सबके अपने रास्ते अपने अपने सफ़र रास्तों के काँटे अपने अपने अपने दर्द अपनी अपनी मंज़िल अपना अपना दुख अपनी अपनी चाहते अपना अपना सुख सबकी अप...
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वो कहते हैं ग़रीबी कम हुई है जानते हो कहाँ कम हुई है बस आकड़ों में कम हुई है क्यों कि उन्होंने तय कर दिय...
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मैं समंदर हूं कि हवा हूं मैं; नहीं हूं खुद में तो कहाँ हूं मैं| लम्हें वो जिनको ज़ी नहीं पाया; उन ही लम्हों को जोड़ता हूँ मैं| ...
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पास आ कातिल मेरे मुझमें जान आने दे , जान ले लेना पर थोडा तो संभल जाने दे। तू तसव्वुर में मेरे रहा है बरसों से ,...

बहुत बहुत शुभकामनाएं होली की!!!
ReplyDeleteहोली की हार्दिक शुभकामनाएँ!
ReplyDeleteआपको भी होली की शुभकामनाएं!!!
Deleteहुई ठिठोली बस हो ली होली
ReplyDeleteसहृदय आभार,
Deleteशुभकामनाएं|
होली मुबारक
ReplyDeleteआपकी पोस्ट कल के चर्चा मंच पर है
होली की शुभकामनाएं!!!
Deleteबहुत बहुत आभार, रचना लोगों तक पहुँचाने के लिए!!!
ReplyDeleteहृदयस्पर्शी भावपूर्ण प्रस्तुति.बहुत शानदार भावसंयोजन .आपको बधाई.होली की हार्दिक शुभ कामना .
ना शिकबा अब रहे कोई ,ना ही दुश्मनी पनपे
गले अब मिल भी जाओं सब, कि आयी आज होली है
प्रियतम क्या प्रिय क्या अब सभी रंगने को आतुर हैं
हम भी बोले होली है तुम भी बोलो होली है .
शुभ विचारों के साथ सुभ होली!!
Deleteआप को भी होली की शुभकामनाएं!!
ReplyDeleteबहुत सुन्दर।। होली की हार्दिक शुभकामनाएं
पधारें कैसे खेलूं तुम बिन होली पिया...
होली की शुभकामनाएं!!
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