Wednesday, 20 January 2010

अज्ञात

वो अभी भी अज्ञात है मेरे लिए,
ये जीवन की दौड़ अभी बाकि है.

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राम

अगर कोई विकास से लेकर राष्ट्रवाद तक के इस दस मुख वाले रावण का अंत कर दे  तो मैं माँ लूँगा की राम हैं  अगर कोई अर्जुन की तरह  संश...