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जीवन सफ़र
सबके अपने रास्ते अपने अपने सफ़र रास्तों के काँटे अपने अपने अपने दर्द अपनी अपनी मंज़िल अपना अपना दुख अपनी अपनी चाहते अपना अपना सुख सबकी अप...
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वो कहते हैं ग़रीबी कम हुई है जानते हो कहाँ कम हुई है बस आकड़ों में कम हुई है क्यों कि उन्होंने तय कर दिय...
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मैं समंदर हूं कि हवा हूं मैं; नहीं हूं खुद में तो कहाँ हूं मैं| लम्हें वो जिनको ज़ी नहीं पाया; उन ही लम्हों को जोड़ता हूँ मैं| ...
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पास आ कातिल मेरे मुझमें जान आने दे , जान ले लेना पर थोडा तो संभल जाने दे। तू तसव्वुर में मेरे रहा है बरसों से ,...
बदलते चेहरों के मौसम में हर वक्त,
ReplyDeleteजरबरी है नजर के सामने आईना रखना।
बहुत सुंदर प्रस्तुति ।मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है।
प्रणाम
Deleteसहृदय प्रेम और आभार ...............
आपके ब्लॉग से जुड़ गया हूँ और आपसे भी.
आपके अद्भुत लेखन को नमन,बहुत सराहनीय प्रस्तुति.बहुत सुंदर
ReplyDeleteबहुत सुंदर भावनायें और शब्द भी ...बेह्तरीन अभिव्यक्ति !शुभकामनायें.
आपका ब्लॉग देखा मैने और कुछ अपने विचारो से हमें भी अवगत करवाते रहिये.
बहुत बहुत आभार!!!!!!!
Deleteजी बस बड़े लोगों का आशीर्वाद है!!!!!
बहुत बहुत सुन्दर भावपूर्ण अभिव्यक्ति |
ReplyDeleteआशा
प्रणाम
Deleteसहृदय आभार !!!
बहुत बढिया
ReplyDeleteशुक्रिया वरुण जी !!!
Deleteआभार !!!
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