Wednesday, 15 August 2012
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जीवन सफ़र
सबके अपने रास्ते अपने अपने सफ़र रास्तों के काँटे अपने अपने अपने दर्द अपनी अपनी मंज़िल अपना अपना दुख अपनी अपनी चाहते अपना अपना सुख सबकी अप...
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वो कहते हैं ग़रीबी कम हुई है जानते हो कहाँ कम हुई है बस आकड़ों में कम हुई है क्यों कि उन्होंने तय कर दिय...
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पास आ कातिल मेरे मुझमें जान आने दे , जान ले लेना पर थोडा तो संभल जाने दे। तू तसव्वुर में मेरे रहा है बरसों से ,...
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मैं समंदर हूं कि हवा हूं मैं; नहीं हूं खुद में तो कहाँ हूं मैं| लम्हें वो जिनको ज़ी नहीं पाया; उन ही लम्हों को जोड़ता हूँ मैं| ...