पथ का राही

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Sunday, 20 September 2015

अब यही फ़ैसला कर लिया

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अब यही फ़ैसला कर लिया; हम ने खुद से गिला कर लिया| खुद से जाने लगा दूर जब; तोड़ कर आईना रख दिया| हम से सम्हला नहीं दर्दे दिल;...
Tuesday, 1 September 2015

वह जो मैं हूँ ही नहीं

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यूं कि फिर से अंजान हो जाऊँ तुम्हे, कि तुम मुझे जानने पहचानने लगे। हो जाना चाहता हूँ फिर से अपरिचित  मिटाने को एक भ्रम  भ्रम की त...
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शब्द प्रहार करते है

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मैं ने  हाथ बढ़ा कर छूना चाहा पारस को की भर दे अपनी कुछ चमक वो कहता है, 'थैंक यू ' और मैं कई कदम पीछे धकेला जाता हूँ और कुछ टू...

प्रेम जीवंतता में अमर

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प्रेम शब्द का ठीक ही होगा मन मस्तिष्क से सूख जाना प्रेम जीवित होता है अपनी जीवंतता में परिभाषायें मृत कर देती है एक गहरी सजगता में ...
Monday, 24 August 2015

प्यार

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प्यार का एक नूरानी असर माँ के चेहरे पर झुर्रियों में लिखी आयतों में पढ़ने की कोशिश करता हूँ, और माँ को हर एेसे ख़ूबसूरत चेहरे के पीछे छुपे...
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Sunday, 9 August 2015

नेता,जनता,धर्म,स्त्री

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नेता-भांड, सब कुछ बेच सकता है, ख़ुद के ज़मीर के बिक जाने के बाद। जनता-हिजड़ा, ताली पीटती है किसी भांड के बोलने पर। नाचती है जीतने पर,...
Saturday, 8 August 2015

महसूस कर सकता हूँ

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महसूस कर सकता हूँ ख़ुश्बू को हवाओं में खुद को तुम्हारी बाहों में तुम्हारी तस्वीर निगाहों में महसूस कर सकता हूँ जैसे बादल घिर आए हों फ़...
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musafir
मै हूँ खोया हुआ अंधेरों में, है रोशनीं की तलाश मुझे. वो मुझमें ही कही बसता है, बस उसकी है तलाश मुझे.
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