पथ का राही

▼
Friday, 19 June 2020

Are we already dead?

›
Are we already dead?  Even before we could sought That the knee is on our neck Or we already dead in a sense  That we are not able...
2 comments:
Tuesday, 18 February 2020

प्रेम नहीं मानता कोई सीमा

›
प्रेम   जैसे   कोई   सीमा   कोई   परिधि   मानता   ही   नहीं जैसे   सागर   के   लिए   नदी   हज़ारों   हज़ारों   मील   चल   कर   आती  ...
Saturday, 18 January 2020

शृष्टि में निरंतर प्रवाहित प्रेम

›
अभिभूत हूँ उस प्रेम से, जो घटित हुआ एक पल में, और जीवंत रहेगा, सदियों तक। एक अपरिचित का प्रेम, उस के पलकों के कोरों पर रुके, अश्रु के...
2 comments:
Thursday, 16 May 2019

रे साधो सध जाना

›
रे साधो सध जाना, प्रेम, प्रीति के बंधन में बँध जाना, सध जाना प्रेम भए जग उपजे ध्यान धरे जग छूटे ध्यान धरे प्रेम जो होवे जग में जग छू...
1 comment:
Monday, 13 May 2019

मुझे बता देना

›
तुम्हें कहीं अगर मिल जाऊँ मैं, तो मुझे बता देना। रात के किसी उजियारे में, दिन के किसी अँधियारे में, तुम्हें कहीं अगर मिल जाऊँ मैं, तो...
2 comments:
Friday, 26 January 2018

राम

›
अगर कोई विकास से लेकर राष्ट्रवाद तक के इस दस मुख वाले रावण का अंत कर दे  तो मैं माँ लूँगा की राम हैं  अगर कोई अर्जुन की तरह  संश...
1 comment:

प्रेम

›
प्रेम मुझे बहता हुआ अनुभव होता है  शरीर में बह रहे रक्त में ही नहीं  मेरे समस्त अस्तित्व की ऊर्जा में  और तुम अब भी  दूसरी तरफ़ खड...
‹
›
Home
View web version

About Me

My photo
musafir
मै हूँ खोया हुआ अंधेरों में, है रोशनीं की तलाश मुझे. वो मुझमें ही कही बसता है, बस उसकी है तलाश मुझे.
View my complete profile
Powered by Blogger.