पथ का राही
(Move to ...)
Home
▼
Wednesday, 29 April 2015
Indian map similar to Hokkaido map in Japan
›
Monday, 20 April 2015
एक ही शख्स है
›
एक ही शख्स है, इस दिल को दुखाने वाला, और वही शख्स है, इस दिल को लुभाने वाला| दूर रह कर कोई तकलीफ़ कहाँ देता है, जख्म-ए-दिल देता है, कोई...
Wednesday, 1 April 2015
ख्वाब आँखों से जो छूटे
›
ख्वाब आँखों से जो छूटे; तो मैं जगा हूँ अभी| डूबता जाता हो दिल ये; तो इरादा हूँ अभी| आश खोजो जो दिल में; तो मैं वादा हूँ अभी| मय पी...
1 comment:
Monday, 9 March 2015
पुरुष, स्त्री, प्रकृति
›
पुरुष, तुम प्रकृति (स्त्री) से जन्मे प्रकृति का ही एक हिस्सा हो प्रकृति होने को, खुद को जानने को जानना होगा तुम्हे प्रकृति को क्यों की ...
4 comments:
Wednesday, 25 February 2015
रोज़ 'मुसाफिर' सा फिरते हैं
›
तेरी आस लगाये बैठे; गुज़रे जाने दिन कितने है। अब तो ये आलम है देखो; लोग मुझे पागल कहते हैं। तुम से नहीं तो यादों से हम; रोज़ ही आठ पहर मिलत...
2 comments:
ज़िंदगी पर न यूँ गुमां कीजै
›
भले ही मिले दुश्मनों की तरह; उस से फिर भी बस वफ़ा कीजै। हम ने देखा है, हथेली पर उगते सरसों; बस ज़रा दिल में हौसला कीजै। देश बँटता है, जब लो...
Thursday, 25 December 2014
ठहराव
›
१ माँ का गर्भ सुंदर जीवात्मा मानव शरीर २ दृष्टि ठहरी दुनिया देखने और पहचानने की ३ ठहरे और ठिठके कदम डग भरने को ...
2 comments:
‹
›
Home
View web version