पथ का राही
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Thursday, 16 February 2012
गर्दिश-ए-शाम बन गया हूँ मैं
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गर्दिश-ए-शाम बन गया हूँ मैं; तेरे पहलू से जो उठ गया हूँ मैं. आईना देखता हूँ, मैं तुझको पाता हूँ; कि नज़र हो तेरी, और...
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Thursday, 2 February 2012
काश मैं बदल सकता वक़्त
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गुज़रते हुए देखें हैं, साल कई; गुज़रते हुए देखें हैं, लोग कई. पर दर्द असहनीय और गहरा देखा; जब बेटे को पिता के कंधों पर जाता देखा. काल से पू...
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Friday, 30 December 2011
जिंदगी का राज
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मुझे ये जिंदगी का राज समझ आया करीने से, कि खुश्बू फूल की आती है मेहनत करके जीने से। तुम्हे कतरा कह कर लोग ठुकराए तो भी क्या, समंदर बनके निकल...
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Friday, 28 October 2011
जिंदगी क्या है
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जिंदगी क्या है किताबों को हटा कर देखो; मोहब्बत क्या है किसी को अपना बनाकर देखो. सफ़र जिंदगी का है नये रास्तों से ही; जिंदगी क...
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Sunday, 25 September 2011
मैं तुमसे अलग!
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शाखों से अलग पत्ते , हवा के हल्के झोंके से दूर चले जाते हैं । मैं तुमसे अलग , इतना जड़ कैसे हूँ । जंगल में पेड़ से अलग ...
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Wednesday, 14 September 2011
तुम सुगंध हो मेरी
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तुम सुगंध हो मेरी मैं पवन हूँ तेरा मिल तू जाए अगर तो ये जीवन मेरा । चाँद को चाहिए चाँदनी , और क्या तू नहीं है तो फिर क्या...
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Wednesday, 17 August 2011
मेरे कातिल
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पास आ कातिल मेरे मुझमें जान आने दे , जान ले लेना पर थोडा तो संभल जाने दे। तू तसव्वुर में मेरे रहा है बरसों से ,...
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