पथ का राही

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Friday, 30 December 2011

जिंदगी का राज

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मुझे ये जिंदगी का राज समझ आया करीने से, कि खुश्बू फूल की आती है मेहनत करके जीने से। तुम्हे कतरा कह कर लोग ठुकराए तो भी क्या, समंदर बनके निकल...
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Friday, 28 October 2011

जिंदगी क्या है

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जिंदगी क्या है किताबों को हटा कर देखो; मोहब्बत क्या है किसी को अपना बनाकर देखो. सफ़र जिंदगी का है नये रास्तों से ही; जिंदगी क...
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Sunday, 25 September 2011

मैं तुमसे अलग!

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शाखों से अलग पत्ते , हवा के हल्के झोंके से दूर चले जाते हैं । मैं तुमसे अलग , इतना जड़ कैसे हूँ । जंगल में पेड़ से अलग ...
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Wednesday, 14 September 2011

तुम सुगंध हो मेरी

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तुम सुगंध हो मेरी मैं पवन हूँ तेरा मिल तू जाए अगर तो ये जीवन मेरा । चाँद को चाहिए चाँदनी , और क्या तू नहीं है तो फिर क्या...
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Wednesday, 17 August 2011

मेरे कातिल

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पास आ कातिल मेरे मुझमें जान आने दे , जान ले लेना पर थोडा तो संभल जाने दे। तू तसव्वुर में मेरे रहा है बरसों से ,...
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Thursday, 14 July 2011

वो प्यार कहाँ रे.............

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बरसे हैं मेरे नयन पर बहार कहाँ रे तूँ जो मुझसे कहता था वो प्यार कहाँ रे. नयनन स्नेह रस झर-झर जाए तुझको मेरी सुध कहाँ वो प्यार कहाँ रे. मैं ज...
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Sunday, 3 July 2011

सोच के डब्बे

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हम इंसान है हमारी सोच हमारे चारो तरफ कि बातों पर निर्भर करती है बचपन से लेकर अब तक की सारी बातों पर हम सोच और विचार के...
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musafir
मै हूँ खोया हुआ अंधेरों में, है रोशनीं की तलाश मुझे. वो मुझमें ही कही बसता है, बस उसकी है तलाश मुझे.
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